राजस्थान जनसांस्कृतिक मंच
हिंदी और ब्रज भाषा का संरक्षण

राजस्थान जनसांस्कृतिक मंच

जहाँ नवोदित कवियों को मिलता है अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर

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हमारे बारे में

हिंदी और ब्रज भाषा के संरक्षण के लिए समर्पित एक साहित्यिक मंच

हिंदी साहित्य

हमारा मिशन

राजस्थान जनसांस्कृतिक मंच एक ऐसा मंच है जहाँ नए और प्रतिभाशाली कवियों को अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। हम हिंदी और ब्रज भाषा के साहित्य को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हमारा उद्देश्य है कि भारत की समृद्ध साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाए और कविता के माध्यम से सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया जाए।

प्रत्येक माह हम कवि सम्मेलन, काव्य गोष्ठियाँ और साहित्यिक कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं जहाँ नए कवियों को अनुभवी साहित्यकारों से सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है।

श्री राजेंद्र प्रसाद शर्मा 'अनुरागी' - संस्थापक

श्री राजेंद्र प्रसाद शर्मा 'अनुरागी'

संस्थापक एवं अध्यक्ष, राजस्थान जनसांस्कृतिक मंच

"कविता वह सूत्र है जो हमें हमारी संस्कृति और विरासत से जोड़ती है।"

प्रतिभाशाली कवियों की रचनाएँ

हमारे मंच से जुड़े नवोदित कवियों की चुनिंदा कविताएँ

नेहा शर्मा

नेहा शर्मा

"नारी है शक्ति, नारी है शान, संवेदना की मूरत, प्रेम की पहचान। कभी मां, कभी बेटी, कभी स्वर की तान, नारी के बिना अधूरा हर जहान।"
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राहुल वर्मा

राहुल वर्मा

"धरती की गोद में बिखरे सितारे, रात का आँचल सजाए हैं। चाँदनी की चादर ओढ़कर, प्रकृति मुस्कुराए है।"
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प्रियंका जोशी

प्रियंका जोशी

"ब्रज की धरा पर कृष्ण की बाँसुरी, गूँज उठी है फिर से आज। गोपियों के मन को छू लेने वाली, वही पुरानी मधुर तान।"
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अनामिका सिंह

अनामिका सिंह

"जीवन की डगर पर चलते हुए, मिले काँटे भी, मिले फूल भी। हर पल सिखाया जीने का सलीका, खुशियों में भी न खोया।"
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विकास यादव

विकास यादव

"संघर्षों की राह में चलकर, मंजिल मिलेगी एक दिन। हार नहीं मानूंगा कभी, जीत का इरादा है दिल में।"
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सोनम गुप्ता

सोनम गुप्ता

"माँ की ममता का कोई मोल नहीं, उसके आँचल में छुपा है सुख। माँ के बिना जीवन अधूरा, उसका प्यार है अनमोल।"
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अमित कुमार

अमित कुमार

"दोस्ती का रिश्ता अनमोल, हर गम में साथ देता है। खुशियों में बढ़ जाता है रंग, दोस्त हर दुख हराता है।"
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पूनम शर्मा

पूनम शर्मा

"प्रकृति की सुंदरता न्यारी, हरियाली का सौंदर्य अपार। पक्षियों की चहचहाहट, मन को कर देती है प्रसन्न।"
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आगामी कार्यक्रम

हमारे आगामी कवि सम्मेलन और साहित्यिक गतिविधियाँ

15 अगस्त, 2023

हिंदी दिवस कवि सम्मेलन

हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला यह कवि सम्मेलन देश भर के प्रतिभाशाली कवियों को एक मंच प्रदान करेगा।

साहित्य भवन, दिल्ली
शाम 6:00 बजे से
25 अगस्त, 2023

ब्रज भाषा काव्य गोष्ठी

ब्रज भाषा के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए आयोजित विशेष काव्य गोष्ठी। ब्रजभाषी कवियों के लिए विशेष आमंत्रण।

कवि कुंज, आगरा
दोपहर 3:00 बजे से
5 सितम्बर, 2023

नवोदित कवि प्रशिक्षण शिविर

नए कवियों को काव्य रचना की बारीकियाँ सिखाने के लिए आयोजित विशेष कार्यशाला। अनुभवी कवि मार्गदर्शन करेंगे।

साहित्य अकादमी, लखनऊ
सुबह 10:00 बजे से

हमसे जुड़ें

हमारे मंच से जुड़कर अपनी काव्य प्रतिभा को निखारें

संपर्क सूचना

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ईमेल: info@hindikavyamanch.in
कार्यालय समय: सोम-शनि, सुबह 10:00 - शाम 6:00

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